Mumbai Small Bowel Transplant: मुंबई के Global Hospital में हुआ पहला सफल स्मॉल बाउल ट्रांसप्लांट

 

First Successful Small Bowel Transplant: मुंबई के परेल ग्लोबल अस्पताल में पहला स्मॉल बाउल ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया.

First Successful Small Bowel Transplant: मुंबई के परेल स्थित ग्लोबल अस्पताल में कोलकता के रहने वाले अनिर्बान सामंता का सफलतापूर्वक स्मॉल बाउल ट्रांसप्लांट किया गया. यह पहली सफल स्मॉल बाउल ट्रांसप्लांट सर्जरी है. भारत में स्मॉल बाउल ट्रांसप्लांट, एक जटिल और दुर्लभ सर्जरी हैं. इस तरह की सर्जरी देश में 12 बार की जा चुकी है और इसमें से 50 फीसदी सर्जरी अकेले महाराष्ट्र में की गई हैं. 

अनिर्बान सामंता ट्रांसप्लांट सर्जरी की कहानी

कोलकता के रहने वाले अनिर्बान सामंता को अप्रैल 2022 में पेट में तेज दर्द शुरू हुआ. इसका इलाज सुपीरियर मेसेंटेरिक आर्टरीथ्रॉम्बोसिस (Mesenteric artery thrombosis) के तौर पर किया गया. इस वजह से उन्हें बाउल गैंग्रीन हो गया था. उन्होंने  इसका इलाज लोकल अस्पताल में करवाया. उनका 17 अप्रैल 2022 को एनास्टोमोसिस और जेजुनोस्टॉमी किया गया. वह तब से पैरेंट्रल न्यूट्रिशन पर थे और उन्हें मई 2022 में  जोनल ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन सेंटर (ZTCC) के लिए कहा गया.18 मई 2022 को एक अलर्ट प्राप्त हुआ था और सीडीसी क्रॉस मैच पर एक नकारात्मक रिपोर्ट मिलने के बाद टीम ने  पुनर्प्राप्ति शुरू की थी.

डॉक्टर्स ने कहा छोटी आंत डोनेट करना है अहम

परेल के ग्लोबल हास्पिटल के लीवर, अग्न्याशय, आंत ट्रांसप्लांट और एचपीबी सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ गौरव चौबल ने कहा, "छोटी आंत (Small Bowel) का दान उन लोगों के इलाज के लिए महत्वपूर्ण है, जो आंत की मरोड़, जन्म से ही आंत के काम न करने से पीड़ित हैं, या जिनके आंत ऊतक का एक हिस्सा खत्म हो जाता है.” 
डॉ. चौबल ने आगे बताया ,"पिछले महीने की शुरुआत में, अनिर्बान को अंग प्रत्यारोपण के लिए (ZTCC मुंबई के साथ सूचीबद्ध किया गया था, क्योंकि उनके सामने आने वाली चुनौतियों को देखते हुए उनके लिए यह एकमात्र उपचार उपलब्ध था.  सर्जरी के बाद रोगी ने अच्छी प्रगति दिखाई है और वह पूरी तरह से ठीक हो गया है.” 

डॉ. गौरव चौबल और उनकी टीम ने इस तरह की 7 से अधिक सर्जरी की हैं. डॉ. गौरव चौबल ने हाल ही में सिंगापुर में पहली जीवित दाता आंत प्रत्यारोपण सफल सर्जरी भी की है.  लिविंग डोनर इंटेस्टाइन ट्रांसप्लांट, लीवर ट्रांसप्लांट, एक साथ किडनी पैनक्रियास ट्रांसप्लांट, एक साथ लीवर किडनी ट्रांसप्लांट जैसी 600 से अधिक सफल सर्जरी करने वाले डॉ. गौरव चौबल ने कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे आगे आएं और जरूरतमंदों के लिए अंग दान करें, इससे उन्हें अपना जीवन जीने की एक नई उम्मीद मिल सकती है.” 

ट्रांसप्लांट से खुश है अनिर्बान

अनिर्बान सामंता ने बताया, " जब मैं कोलकाता में था तो वहां के डॉक्टरों ने यह उम्मीद छोड़ दी थी. उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मैं दो महीने से अधिक जीवित रह पाऊंगा.” सामंता का कहना है कि बाद में हमें ऐसे मामलों में जानकार डॉ गौरव चौबल के बारे में पता चला और हम मुंबई में उनसे मिलने के लिए आए. उनसे मिलने के बाद मुझे अपने बचने की एक उम्मीद नजर आई. उम्मीद के मुताबिक मेरी सर्जरी सफल रही. हम डोनर परिवार के हमारे दुख की इस घड़ी में अंगदान करने के इस उदार फैसले के शुक्रगुजार हैं. हम उनका धन्यवाद करते हैं.

बेहद जटिल होती स्मॉल बाउल ट्रांसप्लाट सर्जरी

भारत में स्मॉल बाउल ट्रांसप्लांट करना एक जटिल और दुर्लभ सर्जरी है. अब तक यह देश में लगभग 12 बार की जा चुकी है. इस तरह की 50% से अधिक सर्जरी अकेले महाराष्ट्र में की गई हैं.अनिर्बान सामंता की सर्जरी मुंबई के ग्लोबल अस्पताल में की गई ऐसी पहली सर्जरी है. ग्लोबल हास्पिटल के सीईओ डॉ. विवेक तलौलीकर ने कहा "आंत प्रत्यारोपण की सफलता अस्पताल के लिए गर्व का पल है, क्योंकि इस मरीज के  डिस्चार्ज के साथ, ग्लोबल हॉस्पिटल, परेल, मुंबई, भारत का एकमात्र निजी अस्पताल है, जिसने किडनी जैसे बहु अंग ट्रांसप्लांट  को महत्व  दिया है, जिसमें लिवर, हृदय, फेफड़े, हाथ, अग्न्याशय और छोटी आंत शामिल है.

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