23 Years of Taal: सुभाष घई दर्शकों को नहीं देना चाहते हैं धोखा, इसीलिए नहीं बना रहें ‘ताल 2’

 'ताल' फिल्म को रिलीज हुए 23 साल हो गए. (फोटो साभार : subhashghai1/Instagram)

सुभाष घई (Subhash Ghai) 77 साल के हो गए हैं, लेकिन लोग आज भी उनकी फिल्म का इंतजार बेसब्री से करते हैं. कुछ फिल्में तो ऐसी हैं, जिनके पार्ट 2 की कई बार डिमांड भी आई. ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai), अक्षय खन्ना (Akshaye Khanna) और अनिल कपूर (Anil Kapoor) स्टारर फिल्म ‘ताल’ (Taal)  भी इनमें से एक है. बॉलीवुड के शोमैन की शानदार और सफल फिल्मों में से एक ‘ताल’ 23 साल पहले आज ही के दिन रिलीज की गई थी. इन 23 बरसों में कई बार फिल्म के सीक्वल को लेकर चर्चा हुई है, लेकिन इसके लिए सुभाष की एक शर्त है जो लगता है आज भी पूरी नहीं हुई है. चलिए बताते हैं फिल्म से जुड़े कुछ किस्से.

13 अगस्त 1999 को रिलीज हुई फिल्म ‘ताल’ का डायरेक्शन सुभाष घई ने कर इतिहास रच दिया था. ए आर रहमान के म्यूजिक से सजे इस फिल्म के सारे गाने बेहद मेलोडियस हैं. मुक्ता आर्ट्स प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी म्यूजिकल फिल्म ‘ताल’ जब 23 बरसे पहले रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर  जबरदस्त कलेक्शन करते हुए सुपरहिट ही रही थी.  रिलीज के बरसों बाद भी कई नेशनल-इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसके संगीत की गूंज रही थी. इस फिल्म की कोरियोग्राफी सरोज खान जैसी मशहूर कोरियोग्राफर ने की थी और ऐश्वर्या राय को बड़ी ही खूबसूरती से पर्दे पर उकेरा था. सुभाष घई ने एक बार अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर इसका जिक्र भी किया था.

subhash ghai post
(फोटो साभार : subhashghai1/Instagram)

सिर्फ पैसा कमाने के लिए सीक्वल नहीं बनाऊंगा
हालांकि लंबे समय से सुभाष की कोई फिल्म नहीं आई है. ‘ताल’ का संगीत हो या फिल्मांकन या कहानी, सब कुछ इतना खूबसूरती से रचा गया कि लोग ‘ताल 2’ देखना चाहते हैं. कुछ साल पहले इस पर बात करते हुए सुभाष घई ने शर्त रख दी थी कि दूसरा पार्ट तभी बनाएंगे जब मुझे पहले पार्ट से भी शानदार स्टोरी मिल जाएगी. सुभाष घई ने कहा था कि अधिकतर फिल्ममेकर अपनी पिछली फिल्मों की सपलता को भुनाते हैं. मेरा मानना है कि अगर कोई अच्छी फिल्म की कहानी बेहतर है तो उसे बनाने में कोई हर्ज भी नहीं है लेकिन बिना अच्छी कहानी के सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर पैसा कमाने के लिए फिल्म बनाना दर्शकों के साथ धोखा है. मैं हमेशा फ्रेश स्टोरी के साथ अच्छी फिल्में बनाने में यकीन रखता हूं. इसीलिए ‘ताल 2’ तभी बनाऊंगा जब ‘ताल’ से बेहतर स्टोरी मिलेगी’.

TAAL, SUBHASH GHAI
सुभाष घई की संगीतमय फिल्म ‘ताल’.(फोटो साभार : subhashghai1/Instagram)

सुभाष घई यूं नहीं कहे जाते हैं शोमैन
आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री अपनी लगातार पिटती फिल्मों को लेकर परेशान हैं. ऐसे में पुराने और दिग्गज फिल्म निर्माताओं-निर्देशकों से काफी कुछ सीखना भी चाहिए.  सुभाष घई एक ऐसे निर्देशक माने जाते हैं जो अपनी फिल्में बनाने से पहले स्टोरी, म्यूजिक से लेकर एक्टर-एक्ट्रेस कौन होगा इसे लेकर एक खांचा अपने दिमाग में फिट रखते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ था जब उन्होंने ‘ताल’ बनाने का फैसला किया.

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